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शनिवार, 26 नवंबर 2016

Time Table नहीं जादुई लिस्ट (To Do List) बनाये तब कोई काम भूल से नहीं छूटेगा ! (Make Life Easy Magic)

यह एक रामबाण उपाय है इसका पूर्ण लाभ पाने के लिए  कृपया 
पोस्ट को अंत तक पढ़े ! कोई समझने में समस्या तो तो हम से संपर्क करे ..
दोस्तों यह काफी आम बात है की हमे जो काम करना होता है और सबसे खास बात जो इम्पोर्टेंट कार्य होते है वो हम अक्सर करना भूल जाते है , और यह स्टूडेंट्स (एडल्ट्स) में सबसे ज्यादा देखा जा सकता है तो क्या भूलना गलत या ये कोई बीमारी है ? नहीं बिलकुल नहीं भूलना एकदम सामान्य प्रक्रिया है और कुछ स्थितियो में तो यह हमारे लिए वरदान साबित होता है ..क्या आप को नहीं लगता ?
>>दीपक का सार - उत्साह वर्धक कविता Motivational Poetry Hindi
आप की भी बहुत सी ऐसी यादे होंगी जो यदि आज आप भूले न होते तो शायद आप की आज की लाइफ उतनी गजब न होती और हम आज भी उस दुःख के भवसागर में गोते कहा रहे होते ...क्यों सही कहा न ? तो इतने से यह तो जाहिर हो गया की भूलना कोई बीमारी नहीं है ...पर कामो को भूलने से हमें सफलता के मार्ग में कई बाधाओं को झेलना पड़ता है जिससे हमे सफलता और कठिन नजर आने लगती है ..सफलता का अर्थ सबके लिए अलग अलग हो सकता है किसी के लिए या एग्जाम तो किसी के लिए ये बिजनेस तो किसी के लिए ये प्यार या कुछ भी हो सकता है ...हम कोई इम्पोर्टेंट कार्य करना न भूले इसके लिए हमें बचपन में टाइम टेबल बनाना सिखाया गया था पर यह शायद ही  बनाने के बाद हम इस पर एक या दो हप्ते से अधिक टिके हो .

.और कुछ शेरो को तो यह गले में फंदा पड़ने जैशा लगा होगा और उनके लिए तो उस टाइम टेबल से 2-3 दिन भी चलना मुश्किल रहा होगा एशा इसलिये भी होता है क्योकि अचानक आ जाने वाले काम हमारे टाइम टेबल में पहले से नहीं लिखे होते है और फिर इधर उधर के काम निपटने में हमरे टाइम टेबल की धजिया उड़ जाती है ...तो इससे यह तो पक्के तौर पर जाहिर होता है की टाइम टेबल बनाना टाइम को मैनेज करने का अंतिम तरीका नहीं है तो आइये आज हम आपको एक एशा तरीका बताएँगे जिससे आप अगली बार से कुछ नहीं भूलेंगे और खुद को बंधा हुआ भी महसूस नहीं करेंगे ....शायद यह तरीका आप जानते भी हो या किया भी हो पर इसे एक सिस्टमैटिक ढंग से करना हम आज यंहा सीखेंगे , ...(यह पोस्ट आप mysir.in पर पढ़ रहे है )
यह है टू डू लिस्ट ( TO DO List ) और मै इसे जादुई लिस्ट भी कहता हूँ ..क्योकि यह मेरा अपना स्वयं का Experians  अनुभव है की यदि मैने इस लिस्ट में जब भी कोई कार्य को जोड़ा है वह कब पूरा हो जाता है मुझे पता भी नहीं लगता ...और यदि आप इसे अच्छे से समझ लोगे तो यह आप के साथ भी होने लगेगा ..
वैसे तो इसके कई एप्प भी है जो आप डाऊनलोड कर सकते है , पर मै आप को मोबाईल एप्प रिकमेंड नहीं करूँगा क्योकि मोबाइल कार्य करते समय आप की कार्य छमता ( Productivity ) को घटा देता है अतः उचित यही होगा की इसके लिए आप किसी पॉकेट डायरी का प्रयोग करे और इसे हर समय अपने साथ रखे ...जब आप की आदत पड़ जाये तब आप मोबाइल का प्रयोग भी कर सकते है टू दू लिस्ट बनाने के लिए ...
इसे कैसे बनाते है ?
इसे बनाने के लिए आप को अपनी डायरी पर हर वो काम लिखना होगा जो आप उस दिन करना चाहते हो जैसे आज की मेरी टू डू लिस्ट :-

  • ब्लॉग पर gk की पोस्ट डालनी है 
  • बाल कटाने जाना है 
  • रवि को सेल्स के लिए कॉल करना है 
  •  3 इडीयट फिल्म देखनी है
इसी तरह आप भी अपनी लिस्ट में हर छोटे बड़े कम लिख लो यह जरुरी नहीं है की उन्हें जिस क्रम में करना है उसी क्रम में लिखा जाये आप को जब भी याद आये आप अपनी उस लिस्ट में काम जोड़ते चले जाओ और हाँ जो काम उस दिन करना ज्यादा इम्पोर्टेंट (अवश्यक) हो उसे अंडर लाइन कर लो . और उस काम को आप उसी दिन किसी भी हालत में पूरा करो फिर चाहे आपको अन्य काम अगले दिन ही क्यों न बढ़ाने पड़े .इसके साथ फिर अन्य एक-एक कर कार्यो को निपटाते जाओ जो कार्य पुरे होते है उन्हें काट दो और साथ में उस कार्य को करने में कितना समय लगा ये भी उसके सामने डाल दो इसकी जरुरत मे आप को इस पोस्ट के अंत में बताऊंगा  ,(यह पोस्ट आप mysir.in पर पढ़ रहे है )

  • ब्लॉग पर gk की पोस्ट डालनी है  (40 min)
आप का मक्सद होना चाहिए की आप ये सरे काम करके ही सोये !
यदि कोई कार्य में आज नहीं निपटा पाया तब ?
तो उसे अगले दिन विसेस प्राथमिकता दो पहले उन्ही कार्यो को निपटाओ जो पिछले दिन छूट गए थे .
यह लिस्ट कब बनाई जाये ?
वैसे यह लिस्ट यदि सोने से पहले बनाई जाये तो बहुत ज्यादा कारगर होती है क्योकि अगले दिन सुबह उठते ही हमारे पास क्या क्या करना है का प्रोग्राम बना रहता है बस आप को सुबह से ही इस लिस्ट को ख़त्म करने का जूनून बनाये रखे ! कुछ लोग इसे उबह उठ कर भी बनाते है ..आप अपने हिसाब से यह तय कर सकते है की आप को कब बनाना है .
यदि मै अपनी लिस्ट के सारे कार्य निपटा लू तब ?
तब क्या अपने आप अपने को तुरंत कोई ट्रीट रिवार्ड (तोफा) दो कोई छोटा सा ही दो  परन्तु दो अवश्य यह बहुत जरुरी है इस स्टेप को कभी स्किप न करे !  इसमें कोई बहाना न बनाये की "मै अपने आप को ही गिफ्ट कैसे दे सकता हूँ " तो यह मत भूलो की सफल आप को होना है आपके पडोसी को नहीं और न ही आप के घर वालो को तो खुद की पीठ खुद ही ठोकनी पड़ेगी मेरे यार ..ट्रीट में कुछ भी जो आप को पसंद हो वो लो , करो या खाओ ,,मेरे साथ तो अब यह हो गया है की मुझे कुछ भी अपने पसंद का चाहिये होता है तो मै उसे उस दिन की ट्रीट बना लेता हूँ की यदि मेने आज अपनी लिस्ट ख़त्म की तो मै आज ..

  • बतासे खाने जाऊंगा 
  • अपने लिए एक नयी पैंट लूँगा 
  • 30 Min  youtube par vedio देखूंगा 
जो भी आप को पसंद हो एक रिवार्ड अवश्य दे अपने आप को लेकिन केवल एक ही दे और बाकि अगली बार में दे यह बहुत ही कारगर साबित होता है .

अंतिम अवश्यक बात :-  जब आप 1-2 हप्ते इस to do list पर बिना किसी समस्या के चलने लग जाये तब आप को इसमें एक और चीज जोडनी है पर यह आप को पहले दिन से ही नहीं करना है . चूकी आपने 2 हप्ते तक to do list के कार्य निपटाए है अतः अब आप को यह तो अंदाजा हो ही जायेगा की आप को किस काम में लगभग  कितना समय लग रहा है अब अगली बार जब भी आप लिस्ट बनाये उसमे कार्य के सामने पहले से ही एक मानक समय अवश्य डाल दे और फिर उस दिन वह कार्य उसी तय समय पर या उससे कम में निपटने का प्रायस करे (यह पोस्ट आप mysir.in पर पढ़ रहे है )..इससे आप को लिस्ट बनाते समय ही पता चल जायेगा की आप को उन कार्यो को करने में कितना समय लगेगा ...इससे आप समय भी बचाने में कामयाब होंगे .


कुछ और जरुरी टिप्स :- 
  • सबसे ज़रूरी काम करते समय मोबाइल और नेट को ऑफ़ या साइलेंट कर दें।
  • अपनी टू-डू लिस्ट हमेशा साथ लेकर चलें।
  • अगर आप लैपटॉप पे काम कर रहे हैं तो काम वाली विंडो के आलावा बाकी सभी विंडो क्लोज कर दें।
  • जहाँ तक हो सके एकांत में बैठ कर काम करें।
  • बोरियत होने पर २-४ मिनट का ब्रेक ले लें।
  • काम में लगने वाली चीजों को एक ही बार सोच कर इकठ्ठा कर लें, ताकि बार-बार उठना न पड़े।
  • रूम में पर्याप्त रौशनी रखें।
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शनिवार, 5 नवंबर 2016

बहानाइटीस : कंही आप भी तो बहाने नहीं बनते ? सफलता का राज !

दोस्तों हम सब में यह आदत होती है , अब यह अच्छी है या बुरी इसके बारे में तो आप को यह पोस्ट पढ़ने के बाद ही पता चलेगा ! लेकिन एक बात तो है की हजरों नहीं लाखो ने यह बात कही है की हमारी सफलता और बहनों का बहुत ही गहरा सम्बन्ध होता है ! ऐसे ही यंहा आप को कई बहाने और उसके तोड़ मिलेंगे ... 

1- मुझे उचित शिक्षा लेने का 
अवसर नही मिला... 

उचित शिक्षा का अवसर 
फोर्ड मोटर्स के मालिक 
हेनरी फोर्ड को भी नही मिला ।
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2- मै इतनी बार हार चूका , 
अब हिम्मत नही...

अब्राहम लिंकन 15 बार 
चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने।
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3- मै अत्यंत गरीब घर से हूँ ...

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी 
गरीब घर से थे ।
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4- बचपन से ही अस्वस्थ था...

आँस्कर विजेता अभिनेत्री 
मरली मेटलिन भी बचपन से 
बहरी व अस्वस्थ थी ।

5 - मैने साइकिल पर घूमकर 
आधी ज़िंदगी गुजारी है...

निरमा के करसन भाई पटेल ने भी 
साइकिल पर निरमा बेचकर 
आधी ज़िंदगी गुजारी ।
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6- एक दुर्घटना मे 
अपाहिज होने के बाद 
मेरी हिम्मत चली गयी...

प्रख्यात नृत्यांगना 
सुधा चन्द्रन के पैर नकली है ।
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7- मुझे बचपन से मंद बुद्धि 

कहा जाता है...

थामस अल्वा एडीसन को भी 
बचपन से मंदबुद्धि कहा जता था।
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8- बचपन मे ही मेरे पिता का 
देहाँत हो गया था...

प्रख्यात संगीतकार 
ए.आर.रहमान के पिता का भी 
देहांत बचपन मे हो गया था।
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9- मुझे बचपन से परिवार की 
जिम्मेदारी उठानी पङी...

लता मंगेशकर को भी 
बचपन से परिवार की जिम्मेदारी 
उठानी पङी थी।
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10- मेरी लंबाई बहुत कम है...

सचिन तेंदुलकर की भी 
लंबाई कम है।
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11- मै एक छोटी सी 
नौकरी करता हूँ ,

इससे क्या होगा... 
धीरु भाई अंबानी भी 
छोटी नौकरी करते थे।
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12- मेरी कम्पनी एक बार 
दिवालिया हो चुकी है , 
अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा...

दुनिया की सबसे बङी 
शीतल पेय निर्माता पेप्सी भी 
दो बार दिवालिया हो चुकी है ।
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13- मेरा दो बार नर्वस 
ब्रेकडाउन हो चुका है , 
अब क्या कर पाउँगा...

डिज्नीलैंड बनाने के पहले 
वाल्ट डिज्नी का तीन बार 
नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था।
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14- मेरी उम्र बहुत ज्यादा है...

विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन (के एफ सी)
के मालिक ने 60 साल की उम्र मे 
पहला रेस्तरा खोला था।
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15- मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है 
पर लोग अस्वीकार कर देते है...

जेराँक्स फोटो कापी मशीन के 
आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने 
अस्वीकार किया था पर आज 
परिणाम सामने है ।
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16- मेरे पास धन नही...

इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन 
नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था 
उन्हे अपनी पत्नी के गहने बेचने पङे।
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17- मुझे ढेरो बीमारियां है..

वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी 
अनेको बीमारियो मे थे | 
राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर 
काम नही करते थे।
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आज आप जहाँ भी है 
या कल जहाँ भी होगे 

इसके लिए आप किसी और को 
जिम्मेदार नही ठहरा सकते , 
इसलिए आज चुनाव करिये -
सफलता और सपने चाहिए 
या खोखले बहाने ...
आप को यह पोस्ट कैसी लगी मुझे तो बहुत अच्छी तो अपने दोस्तों में भी शेअर करे इसे फेसबुक , whatsapp आदि - आदि ......और हा अभी इसे दोस्तों में शेअर करो अभी कोई बहाना मत बनाना ओके नहीं तो इसी में फस के रह जाओगे ! शेएर करो खुद को केअर करो ....


मंगलवार, 1 नवंबर 2016

आजीवन सुखमय कैसे रहे ? कौवे और मोर की लघु कथा ! Crows and peacocks short story

कृपया यह कहानी बड़े भी जरुर पढ़े ,दोस्तों आज मैं आपको एक बहुत ही विचार पूर्ण कहानी सुनाऊंगा यह कहानी एक कौवे की है यह कौवा एक जंगल में रहता था और उसके पास उसका परिवार था वह बहुत ही खुशी पूर्वक अपना जीवन यापन कर रहा था उसे अपने जीवन में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं थीं , किंतु एक दिन वह पानी की तलाश में जंगल से थोड़ा दूर निकल आया वही कुछ दूर पर एक तालाब था जिस में एक हंस तैर रहा था कौवा , हंस को देखकर मोहित हो गया उसे उसका सफेद रंग बहुत ही ज्यादा पसंद आया

और वह अपने आप में सोचने लगा कि काश वह भी इस हंस की तरह  एकदम दूध की तरह सफेद होता है और लोग उस से  भी प्यार करते यह सोचते सोचते वह हंस के पास पहुंचा और हंस के कहने लगा तुम्हारी जिंदगी तो  कितनी अच्छी है तुम कितने सुंदर हो पूरी तरह से  दूध की तरह सफेद तब हंस बोला नहीं दोस्त मैं भी इतना सुंदर नहीं मैं पहले यही सोचता था जब तक मैंने तोते को  नहीं मिला था लेकिन तोता तो  मुझसे भी ज्यादा अच्छा होता है वह दो रंग का होता है तो कौवे  ने पूछा क्या सच में वह इतना सुन्दर होता है यह जानने के लिए वह तोते की खोजने निकल पड़ा कुछ दूर पर उसे कुछ तोते दाना चुगते हुए मिल गए कौए ने उनमे से एक से कहा की सच में भगवान ने तुम्हे कितना सुन्दर बनाया है पर इस पर तोता बोल उठा नहीं यह सच नहीं है काश मुझे भगवान् इतना सुन्दर बनाते मुझ से ज्यादा सुन्दर तो मोर है वह कई रंगों का राजा है , तब कौवे ने कहा और मै यदि मोर से मिलना चाहू तो उससे कन्हा मिल सकता हु तब तोते ने कहा अरे भाई उसकी तो चांदी है यंही बगल वाले चिड़िया घर में रहता है .. मन मर्जी खाने को मिलता है लोग की तो भीड़ लगती है उसे देखने के लिए वंही वो तुम्हे मिलेगा .. कौवा मोर से मिलने उड़ा और मन में ईस्वर (गॉड) को कोसने लगा की भगवन आप ने इस दुनिया को कितना सुन्दर बनाया है

आखिर मुझ से क्या गलती हो गई थी जो मुझे तूने एशा बनाया ......तभी वह मोर के पास पहुच जाता है और अपनी आँखों से देखता है की बहुत से लोग उसे देखने आ रहे है और उसे दाना डाल रहे है . कौवा मोर से जाकर कहता है यार तुम्हारी ज़िदगी तो बहुत ही बढ़िया है जरुर तुमने पिछले जन्म में बहुत अच्छे कार्य किये होंगे जो तुम इस जन्म में मोर बने हो ....तब मोर उसे सुनता रहा और बात ख़त्म होते होते उसकी आँखों में आंसू आ गए वह बोला नहीं बल्की मै तो यह सोचता हु की आखिर मैने कौन से दुस्पाप किये होंगे जो मुझे भगवन ने इतना सुन्दर बनाया अब यह सुन्दरता ही मेरी आजादी की बाधा बन रही है मुझे यह भोजन यह सुन्दरता कुच्छ भी नहीं चाहिए बस आजादी चाहिये ..मैने पता किया है की इस चिड़ियाघर में केवल कौवे को छोंड़ का बाकि सब चिडियों को पिंजड़ो में कैद कर रखा गया है कास भगवान् ने मुझे तुम जैशा  बनाया होता , बस इतना कहना था की कौवा से उड़ गया और भगवान से अपने कहे शब्दों के लिए माफ़ी मांगने लगा और धन्यवाद भी दिया उसकी आंखे खोलने के लिए .
निष्कर्स - "यही हमारी सब मुसीबतों की जड़ है की हम अकारण ही लोगो से अपनी तुलना करके स्वयं दुखी होते है , हमे जो भगवान  ने दिया है हम उसे नहीं देखते बल्कि हमारे पास जो नहीं है हम उसके बारे में सोच के दुखी होते है ..जो इंसान यह सोच कर जिंदगी जिए की भगवान् ने उसे बहुत कुछ दिया है क्योकि किसी के पास तो यह भी नहीं है वाही इस दुनिया का सबसे सुखी इंसान होगा ..किसी चीज को पाने की चाहत रखना और उसे पाना बुरा नहीं है बल्कि जो नहीं है उसे प्रति दुखी होना बुरा है "
इसे अपने दोस्तों में भी ज्यादा से ज्यादा शेएर करे क्या पता जो ज्ञान अभी पा रहे हो उसका 1 प्रतिसत हिशा भी किसी के पास न हो !

सोमवार, 31 अक्टूबर 2016

पहली नजर में नहीं, चौथी नजर में होता है प्यार ! जाने क्यों ? Love at first sight Is not Truth !

आपने कई बार फिल्मों में या लोगों से कहते सुना होगा कि “पहली नजर का प्यार सच्चा होता है”। आपके कई फ्रेंड्स अपने पहली नजर वाले प्यार के बारे में अनुभव भी शेयर करते होंगे। लेकिन क्या वाकई पहली बार किसी को देखकर प्यार हो जाता है? पहली बार या एक ही बार किसी को देखकर प्यार हो जाना क्या सच्चाई है या काल्पनिक?
हाल ही में हुआ एक शोध तो यह कहता है कि पहली बार में प्यार होना नामुमकिन है। एक ही नजर में देखकर किसी से प्यार नहीं होता, बल्कि


उसी इंसान को जब हम चौथी बार देखते हैं तो हमें उससे प्यार हो जाता है।
यह शोध अमरीका के एक कॉलेज में हुआ है, जहां के शोधकर्ताओं का यह कहना है कि भले ही पहली बार में किसी को देखकर हम जरूरत से ज्यादा उसकी ओर खिंचे चले जाते हैं। लेकिन फिर भी यह पहली नजर का प्यार नहीं, बल्कि मात्र एक आकर्षण ही है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि पहली ही नजर में आप उस व्यक्ति की ओर आकर्षित तो होते हैं, लेकिन आपका दिल प्यार जैसे एहसास तक पहुंच नहीं पाता है।
जब तक आप उन्हें चौथी बार मिलते हैं और तब भी आपकी वही फीलिंग होगी तो आप उनके साथ प्यार में पड़ जाएंगे।

लेकिन दूसरी ओर अगर चौथी बार मिलने तक आपकी फीलिंग कुछ कम हो जाती है या बदल जाती है, तो प्यार होना मुमकिन नहीं है। फिर आप आकर्षण के उस चरण से भी बाहर आ जाएंगे।
तो इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपको अपने पहली बार वाले प्यार से वाकई प्यार करना है तो उनसे 3 बार और मिलना होगा ! -   
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